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Monday, December 20, 2010

महंगाई की आंच में उबल रही चाय

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी मुद्रा स्फीति की दर घटने और महंगाई में कमी के लाख दावे करें लेकिन महंगाई पर अंकुश के मामले में उत्तर प्रदेश के हालात अच्छे नहीं हैं। इस सच को कोई और नहीं खुद सरकारी रिपोर्ट ही बयां कर रही है। पिछले एक वर्ष में घरेलू उपयोग और खानपान की जरूरी वस्तुएं 25 फीसदी तक महंगी हो गयी हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने खाद्य एवं रसद विभाग से कहा कि वह ऐसी रणनीति तय करे, जिससे महंगाई पर अंकुश लगाया जा सके। हर सप्ताह सभी मंडल मुख्यालयों से वस्तुओं का भाव लिया जाता है। इन भावों के आधार पर आर्थिक बोध एवं संख्या निदेशक रिपोर्ट तैयार की जाती है। हाल में तैयार की गयी रिपोर्ट के मुताबिक एक साल में चूल्हा जलाने के लिए 50 तीली वाली माचिस की डिबिया 14.8 प्रतिशत, अंगीठी सुलगाने के लिए साफ्ट कोक 7.9 प्रतिशत, लालटेन जलाने के लिए मिट्टी का तेल 22.08 प्रतिशत, सौ ग्राम की चाय का पैकेट दस प्रतिशत, उड़द की धुली दाल 8.8 प्रतिशत, मछली 26.9 प्रतिशत व तड़का लगाने के लिए प्याज 20.4 प्रतिशत महंगा हुआ है। महंगाई ने शिशु आहार को भी नहीं बख्शा। उसमें भी छह प्रतिशत महंगाई दर्ज की गई है। रिपोर्ट में 20 नवंबर 2009 के औसत फुटकर भावों की तुलना 19 नवंबर 2010 के 35 आवश्यक वस्तुओं के फुटकर भावों से की गयी है। रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर 2009 में वनस्पति घी का एक किलो का डिब्बा 49.61 रुपये का था लेकिन नवंबर 2010 में दाम बढ़कर 54.56 रुपये हो गये। बीते वर्ष 256.50 रुपये किलो मिलने वाला देशी घी 280 रुपये किलो तक बिक रहा है। बकरे का एक किलो मांस उस समय 179.17 रुपये का था लेकिन अब यह 208.89 रुपये किलो है। मछली के शौकीनों को जेब और भी हल्की करनी पड़ रही है। पिछले साल 79.29 रुपये किलो बिकने वाली पढि़न मछली के दाम बढ़कर 97.67 रुपये किलो पर पहुंच गये। रोहू की नंबर एक मछली 85.56 रुपये किलो थी लेकिन अब औसत दाम बढ़कर 108.61 रुपये हो गये हैं। यानी इसमें 26.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कृषि विभाग ने चावल के उत्पादन में बढ़ोत्तरी के तमाम दावे किये थे। इसके आधार पर नवंबर 2009 के मुकाबले नवंबर 2010 में दाम घटने चाहिए लेकिन वह भी बढ़ गये। नवंबर 2009 में प्रदेश में सभी प्रकार के चावल का औसत भाव 20.11 रुपये किलो निकला लेकिन नवंबर 2010 में यह 21.06 रुपये किलो पर रहा और इसमें 4.7 प्रतिशत की वृद्धि पायी गयी।