Wednesday, February 9, 2011

उप्र के हर व्यक्ति पर 10225 रुपए का कर्ज


राजनीतिक रूप से देश के सर्वाधिक महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश का हर व्यक्ति अगले वित्तीय वर्ष में 10225 रुपए का कर्जदार हो जायेगा। लगभग 20 करोड़ आबादी वाले इस राज्य पर आगामी बजट सत्न में दो लाख चार हजार 511 करोड़ 55 लाख रुपये का कर्ज हो जायेगा। यह कर्ज राज्य के सकल घरेलू उत्पाद से 32.1 प्रतिशत अधिक है। इसके मुताबिक हर व्यक्ति औसतन 10225 रुपये का कर्जदार है। किये जा रहे आíथक सुधारों की वजह से इसमें सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। सन् 2004-05 में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में यह कर्ज 48.7 प्रतिशत था। चालू वित्तीय वर्ष में यह 32.9 प्रतिशत तक आ गया है। आगामी वित्तीय वर्ष में इसके 32.1 प्रतिशत हो जाने की संभावना है। विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्नी लालजी वर्मा ने कहा कि कर्ज को कम से कम किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य के प्रमुख वित्त सचिव अनूप मिश्रा ने बजट पेश होने के बाद संवाददाताओं से कहा कि कर्ज पर सामान्य तरीके से धीरे-धीरे नियंत्नण हो रहा है और वित्तीय वर्ष 2014-15 तक यह 15 प्रतिशत तक आ जायेगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन से सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश पर एक लाख 88 हजार 757 करोड़ 60 लाख रुपए का कर्ज है जो अगले वित्तीय वर्ष में बढ़ कर दो लाख चार हजार 511 करोड़ 55 लाख रुपए का हो जायेगा।


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